कोरोना वायरस के कारण पूरी दिनचर्या ख़त्म सी हो गयी है, घर में जरूर बैठा हूँ पर कुछ करने का मन ही नहीं है. हर पल आती नयी-नयी खबरें जहाँ कभी डरा जाती हैं तो कभी सावधानी के लिए प्रेरित कर जाती हैं.
अजीब यह है कि पूरी दुनिया में मौत का खौफ छाया है और 'आविष्कारकर्त्ता' (जी हाँ मैं तो इसे चीन का षड़यंत्र ही मानता हूँ कि जो वायरस वुहान से पूरे विश्व में फ़ैल गया, वो उसकी खुद की राजधानी तक नहीं जा पाया), खैर चीन पर भरोसा करने की कीमत भारत आज तक भुगत रहा है.
खैर, चलिए सामाजिक दूरियों के इस पल में अपनों के साथ समय बिताएं और अपने घर के लोगों के साथ इन घड़ियों का आनंद लें, आखिर परिवार ही सब कुछ है. कुछ ऐसी ही भावना इस कहानी की भी है (आप लोगों ने मीडास टच के बारे में पढ़ा भी होगा)
तो डाउनलोड कीजिये - खुद पढ़िए सबको पढ़ने प्रेरित कीजिये, खासकर घर के बच्चों को - जो किताबों को भूल से बैठे हैं...







