Tuesday, May 15, 2018

जहाँ चाह वहाँ राह - उज़बेक की लोक कथाएँ (Folk Tales From Uzbekistan)

लोक-कथाओं की अगली कड़ी में प्रस्तुत है -जहाँ चाह वहाँ राह 

यह पुस्तक उज़बेकिस्तान (उज़बेक) की लोक कथाओं का शानदार संग्रह है जो किसी समय शक्तिशाली व विशाल सोवियत संघ का एक अंग रहा था. यह पुस्तक उसी समय की है जब सोवियत संघ के द्वारा बहुत ही सुन्दर पृष्ठों और आवरण के साथ हिंदी व अंग्रेजी भाषा में विश्व-स्तरीय पुस्तकें बहुत की कम मूल्य पर उपलब्ध हुआ करती थी. (वैसे ये reprinted edition है)

तो डाउनलोड करें और आनंद उठाएं - इस गर्मी में अपने लोगों के बीच लोक-कथाओं के साथ 



मिजबान - बुन्देलखंडी लोककथाओं का संकलन

बुन्देलखंडी बोली बड़ी प्यारी होती है. बचपन में जब मैं कक्षा पहली में था - तब एक बड़ी प्यारी सी लोरी पढ़ी थी अपनी हिंदी की पुस्तक में - 'झूल भैया झूल' -

आज भी पुस्तक मेरे पास है - तो लीजिये उस पाठ का चित्र आपको दिखाता हूँ, आप भी देखेंगे कितनी मीठी है यह बोली -हमारी हिंदी की तरह ही तो है - प्यारी और अपनी सी...



इसी बुन्देलखंडी भाषा में एक बड़ी सुन्दर की किताब कल हाथ लगी इन्टरनेट पर - अगर पसंद आये तो कोशिश करें की आप लेवें - केवल 30 रुपये की है. मैं भी कोशिश कर रहा हूँ इसे खरीदने की - ताकि ऐसी ही पुस्तकों के प्रकाशन का मार्ग प्रशस्त हो...


आइये पढ़ते हैं मिजबान - बुन्देलखंडी लोककथाओं का संकलन 

उक्राइनी लोक कथाएँ (Ukrainian Folk Tales) - Hindi

लोककथाओं का जादू, मुझपर हमेशा से ही रहा है. देश-विदेश की लोक-कथाओं को पढना और उन्हें संगृहीत करना मुझे बेहद पसंद है. भले ही कभी-कभी कुछ लोक-कथाएँ थोड़ी अजीब या विचित्र सी हो जाती हैं, जिनसे थोडा जुड़ाव नहीं हो पाता  है - परन्तु ज्यादातर लोककथाएं धरातल से जुड़े अहसास को हम-सब के साथ बांटती ही हैं.

विगत दिनों ऐसी ही एक शानदार पुस्तक मुझे प्राप्त हुयी - जिसेयहाँ पोस्ट कर रहा हूँ. आशा है मेरी तरह आप भी इन लोक-कथाओं का आनंद लेंगे...

प्रस्तुत है - किसी समय सोवियत संघ का हिस्सा रहे देश युक्रेन की लोक-कथाएँ - 
उक्राइनी लोक कथाएँ (Ukrainian Folk Tales)