हम लोगों में से शायद ही कोई ऐसा हो जिसने ईदगाह की कहानी न पढ़ी हो. पाँच साल के नन्हे बालक हामिद और उसकी दादी अमीना की इस छोटी सी लेकिन ह्रदयस्पर्शी कहानी का हिंदी साहित्य में एक अतुलनीय स्थान है.
स्टार कॉमिक्स के प्रकाशकों ने हिंदी साहित्य के उपन्यास और कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की चुनिन्दा कहानियों को चित्रकथा के रूप में प्रस्तुत किया था. ये हमारा दुर्भाग्य था कि यह प्रकाशन वांछित सफलता नहीं पा सका, नहीं तो हमें ऐसी ही अनेक कहानियाँ चित्रकथा के रूप में पढ़ने को मिल जाती.
खैर, इस चित्रकथा में ईदगाह के अलावा लॉटरी नामक कहानी भी है.
दोनों को पढ़ें और आनंद लें.

