सुपरमैन निःसंदेह कॉमिक्स जगत के सर्वाधिक लोकप्रिय महानायकों में से एक है. दशकों की इस यात्रा में भी सुपरमैन का आकर्षण कम नहीं हुआ है. सुपरमैन की इसी लोकप्रियता के कारण इस शानदार की कॉमिक्स भारत में प्रकाशित होती रही हैन. अब तक मेरी जानकारी में तीन बार इस चरित्र को भारतीय जनता के सामने लाया गया - चंदामामा के द्वारा डाल्टन कॉमिक्स (डी सी) के रूप में, इंडिया बुक हाउस के द्वारा स्टार कॉमिक्स IBH के रूप में और अंत में गोथम कॉमिक्स के द्वारा (संभवतः यह लिस्ट पूरी नहीं है). खैर हिंदी में सुपरमैन को प्रस्तुत करने का श्रेय जाता है - चंदामामा के प्रकाशकों को जिन्होंने 1 सितम्बर 1982 को भारतीय कॉमिक्स में एक नए युग का सुभारम्भ किया जब डाल्टन कॉमिक्स के शानदार चरित्रों ने हमारी भाषा में बोलना शुरू किया.
इसी ऐतिहासिक सीरिज का प्रथम स्वर्णिम अंक आपके सामने प्रस्तुत है.
(अनुराग दीक्षित जी का धन्यवाद, हार्ड कॉपी के लिए)






