Sunday, May 1, 2016

नौ साल हो भी गए... (Its been 9 Years)


 आज से ठीक 9 साल पहले 1 मई 2007 को भारतीय कॉमिक्स को सहेजने के उद्देश्य से एक सार्थक प्रयास मैंने शुरू किया. उस वक़्त न तो मेरे पास भारतीय कॉमिक्स का कोई ख़ास संग्रह था और ना ही स्केन करने के लिए स्कैनर. एक दोस्त के पास से रविवार को स्कैनर लाकर  ४-५ कॉमिक्स स्कैन करता था, और धीरे-धीरे पोस्ट करता रहता था.


उस दिन से शुरू हुआ ये सुखद कार्य कई बार दिक्कतों और उत्सव-वर्धन की कमी के चलते थोड़ा थम सा जाता था, परन्तु आज मुझे इस बात का गर्व है कि मेरे शुरुआत के समय भारतीय कॉमिक्स को  सहेजने के प्रयास में शुरू हुए इस अभियान में शामिल जो गिने-चुने लोग आज भी कॉमिक्स को डिजिटल रूप में सहेज रहे हैं, उनमे एक मैं भी हूँ. ज्यादातर या तो अब हट चुके हैं और जो अभी भी हैं उनमें से अधिकतर को केवल अपने संग्रह में वृद्धि करने में ही रुचि है.

कॉमिक्स के चाहने वालों के लिए कॉमिक्स पोस्ट करने में उनकी दिलचस्पी कदापि नहीं है, वरना इतनी पुस्तक लोगों के पास है और इतनी कम कॉमिक्स भारत में छपी हैं कि अब तक तो सारा कॉमिक्स डिजिटल रूप में सुरक्षित हो चूका होता और कब का डेटा-बेस भी तैयार हो चूका होता. पर ज्यादातर दोस्तों को अपने व्यक्तिगत कलेक्शन के लिए म्हणत करना ही जायज लगता है, और कॉमिक्स शेयर करना या ज्ञानकोष बनाने में योगदान केवल समय की बर्बादी लगता है. और ये बात मैं दुखी मन से कह रहा हूँ. जिन्हें मेरी बात बुरी लगी हो, तो बुरी सहीं पर ये सच है...

दोस्तों, अब थोडा ही समय रह गया है, आने वाली पीढियां इस कार्य को करेंगी या नहीं, ये तो पता नहीं परन्तु अगर हर संग्राहक स्वयं या किसी और के माध्यम से इनको डिजिटल रूप में सहेजने में मदद करे तो यकीं मानिए कुछ ही सालों में बचा हुआ सारा खजाना हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगा.
बाकी आपकी कॉमिक्स, आपका समय, और आपकी सोच...

आज का दिन और भी मायनों में ख़ास है तो घर पर भी कार्यक्रम होंगे, लेकिन फिर भी आज १२ बजे तक जितना समय मिल पायेगा मैं अपलोड देता रहूँगा और कॉमिक्स को सहेजने के अपने धीमे ही सहीं, इमानदार प्रयास को जारी रखूँगा...


10 comments:

sallu said...

Aapka mehnat or aapka uddes kabile tarif hai aapka upload or paryas dekh kar himmat bhi milta hai. thanx alot Anupam Bhaiya

AJ said...

Dear Anupam, Congrats and very very thanks for keeping this alive for so long. This has helped me to revisit mine (and other visitors) childhood memories.

Abhishek Bardhan said...

Anupam bhai, salute and hats off to people like you who have taken such initiative..

Thanxs once again for sharing such beautiful and rare comics..

Anupam Agrawal said...

Thanks to all dear friends and well-wishers for their love and support.

More is yet to come tomorrow. The party has not been ended...

Phantom said...

अनुपम भाई!
सबसे पहले तो ९ साल तक लगातार कॉमिक्स लोगों के साथ बाटनेकेलिये धन्यवाद्|
आप के वजह से ही हम जैसे लोगों को हमारा खोया हुआ खाजा वापस मिलता है |
आपके इस महँ कार्य के लिए शतशः धन्यवाद| इश्वर आपको हर काम में सफल करे |

Anupam Agrawal said...

@सल्लू भाई - इस कार्य को करने के लिए बाकी चीज़ों के साथ एक चीज़ की बेहद जरूरत होती है, और वो है प्रोत्साहन.

जो आप जैसे दोस्त लगातार देते रहते हैं, वरना यहाँ तो कॉमिक्स डाउनलोड करने वाले दस सेकंड्स निकालकर थैंक्स बोलना भी अनावश्यक समझते हैं, ये जानते हुए कि एक कॉमिक्स अपलोड करने में कम से कम दो घंटे लगते हैं.

सच कहूं, तो आप जैसे सच्चे प्रशंसक ही हिम्मत और हौसला देते हैं जो नौ साल पुरे हो पाए.

Anupam Agrawal said...

@AJ - I am glad that you liked my little initiative to re-cherish our childhood passion - reading comics.

I am trying my best to be as active as the hectic life schedule permits me; so though slow at times I am still here preserving the old gems.

And thanks for your visit and comment.

Anupam Agrawal said...

@Abhishek Bardhan - Bhai, I love to preserve comics and that was the only thing in my mind when I took the initiative.

With lesser tools and support, I started out something, which now has become a great project with about 6000+ comics already scanned by our dear comics loving friends.

Ankush Poddar said...

Anupam bhai. Main shayad 2007 ke aas paas aapke blog pe pahuncha. Uske pehle to mujhe yeh gyaat bhi nahi tha ki comics ke deewane, mere se bhi bahut jyada, kai aur bhi hain. Main vyatkigat naate yahi ke sakta hoon, aap ka aur aap jaise anya bhaiyon ka yogdaan anmol hai. Aabhaar prakat kar sakoon, uske kiye shabd paryapt nahi hain :-)

Amit Khemnani said...

Anupam bhai thanks very much.Aap Jaise logo ki wajah se hi Humein hamara Bachpann wapis mila h.Thanks a lot