Sunday, May 29, 2016

Chunnu Comics - Lal Bujhakkad aur Dande Ka Kamaal


Presenting a rare Chunnu Comics for your reading delight. 


I wanted to post this comics long before, but it was misplaced. Now while sorting and arranging my comics collection finally got it. So sharing with you another fun story of Lal Bujhakkad. (Originally from Prabhat Chitrakatha)- 

Chunnu Comics - Lal Bujhakkad aur Dande Ka Kamaal


7 comments:

Phantom said...

बहोत बहोत धन्यवाद अनुपमजी | सच में इन कहानियों से ज्यादा सुकून इस दुनिया में कोई भी चीज़ नहीं दे सकती|

Anupam Agrawal said...

बिलकुल सहीं कहा भाई आपने. इन हलकी-फुलकी कहानियों का मजा सच में कोई नहीं दे सकता

Phantom said...

और आपका संग्रह तो लाजवाब है | ये कॉमिक्स इतनी आसानी से मेरे बचपन में मिलती भी नहीं थी|
मै मुंबई में रहता हूँ| जहा तक मुझे याद है पुस्तकों की दूकान में डायमंड कॉमिक्स और राज कॉमिक्स के सिवा और दूसरी कॉमिक्स मुंबई में मिलती भी नहीं थी |मराठी में "ठक-ठक" नामकी कृष्ण धवल कॉमिक्स मुंबई में बहोत लोकप्रिय थी| हालाकि "ठक-ठक" में गद्य कहानियां भी होती थी| इसलिए उसे पूरी कॉमिक्स नहीं कह सकते| १९९० में चंदामामा ३ रुपये का आता था| ठक-ठक भी ३ रुपये का आता था| चम्पक ३ रुपये का| "किशोर" पत्रिका ४ रुपये की आती थी| डायमंड कॉमिक्स १२ से १५ रुपये की आती थी| जो की बहोत महंगी थी |
तब ऐसा लगता था की काश सारे कॉमिक्स मेरे पास आ जाये | वो अधूरी इच्छा आज आप जैसे कुछ भले लोगों के वजह से पूरी हो रही है | दिल से धन्यवाद |

Anupam Agrawal said...

दोस्त, सच कहूं तो मैंने खुद कई कॉमिक्स को कभी अपने बचपन में नहीं देखा, हाँ लाल बुझक्कड़ की कुछ चित्रकथाएँ मैंने पढ़ी थी जब ये प्रभात चित्रकथा के रूप में आती थी. ये तो आज से नौ साल पहले जब भारतीय चित्रकथाओं को सहेजने के उद्देश्य से इस ब्लॉग के साथ मैंने शुरुआत की, उसके बाद किस्मत से मुझे मिलती चली गयी.

कुछ तकदीर का साथ, कुछ (बेहद कुछ) कॉमिक्स के चाहने वाले मित्रों का सहयोग, और आज काफी सारी कॉमिक्स हो गयी है, तो बस कभी कभी कुछ शेयर कर देता हूँ, वरना नौ सालों में तो इसे अन्य कई ब्लॉग की तरह बंद हो जाना था, पर खुशनसीबी की ऐसा हुआ नहीं और आज भी मैं प्रयत्नशील हूँ...

Abhishek Bardhan said...

Thanxs anupam bhai..

Gaurav Gandher said...

Thanks a lot Anupam Bro, this one was also missing till now.

Gaurav Gandher said...

Hehe, just Checked, with last comment, I've passed 275 comments on your blog (my both ids combined The Devil and this one) that means minimum of 275 comics are in my collection are from your side ;)