Friday, May 15, 2015

नूतन चित्रकथा (Nutan Chitrakatha - Big) #227 - Naagon Ki Nagari (नागों की नगरी)

वैसे तो इस कॉमिक्स को आज सुबह ही पोस्ट करने का इरादा था, पर इस गर्मी में मौसम के साथ बिजली की आँख-मिचौली के चलते आज तो इसे एडिट और अपलोड नहीं कर पाया. 

कल सुबह का फिर भरोसा नहीं है, इसलिए देर रात इसे एडिट और अपलोड कर इसे आप सभी के साथ शेयर कर रहा हूँ. 

काफी दिनों से नजरअंदाज़ हुए भारतीय कॉमिक्सों के संरक्षण और साझा करने के प्रयास में पेश है नूतन चित्रकथा के बड़े आकार में - नागों की नगरी (अंक २२७)

इस बार मेरी कोशिश रहेगी की अपने प्रिय पात्र सुपरमैन के साथ मैं इन भूले-बिसरे प्रकाशनों की चित्रकथाएं भी शेयर करता रहूँ. (वैसे अपने अंतरिक्ष विज्ञान ब्लॉग पर इस बार बहुत सिद्दत से काम करना है, क्योंकि ये मेरा प्रिय विषय है और हिंदी में इस पर साइट्स/ ब्लॉग बहुत ही कम हैं)


एक विनम्र अनुरोध, कॉमिक्स के बारे में लाइक्स और कमेंट्स कृपया यहाँ करें. इससे इस ब्लॉग पर मेहनत करने हेतु उर्जा भी मिलेगा, और साथ ही आपके कमेंट्स पोस्ट के साथ सुरक्षित भी रहेंगे. फेसबुक पर २ दिन बाद ही पोस्ट मिलना मुश्किल सा हो जाता है. वहां की गयी गतिविधि कुछ दिनों के बाद व्यर्थ चली जाती है. 

और अगर हो सके तो कुछ समय मेरे अन्तरिक्ष विज्ञान ब्लॉग पर भी बिताएं.
 

4 comments:

3d said...

पुरानी कामिक्स मे कहानियां बेहतर होती थी।ये भी उनमे से एक है।धन्यवाद

Amit Bedi said...

Anupam Bhai Purani Comics Wakai Purani Duniya me le jati hai (Kaun Khata hai ki Time Travel nahi ho sakta wo hota hai inhi bhooli bisri yado ke jariye) Thanks Anupam Bhai

Abhishek Bardhan said...

Thanxs anupam bhai

Gaurav Gandher said...

Thanks Bhai