Wednesday, July 31, 2013

JASOOSI DUNIYA 87 - KAALE NAAG (जासूसी दुनिया 87 - काले नाग )

जासूसी दुनिया का  प्रथम अंक अपलोड करने के बाद से कई सारे दोस्तों ने इस नायाब श्रृंखला के और अंक शेयर की चाहत जाहिर की, पर अपने आलस और व्यस्तता दोनों के चलते ये संभव नहीं हो पा रहा था क्योंकि सौ से ज्यादा पृष्ठों में फैली कथा को अपलोड करना मेरे जैसे आदमी के लिए बेहद मुश्किल कार्य था. 

पर किसी तरह हिम्मत करके कल ही इस उपन्यास को स्केन कर पाया हूँ और रविवार तक अपलोड का प्लान था,  भारी बारिश की वजह से मार्ग बंद है मतलब काम से छुट्टी। तो आज ही एडिट करने बैठ गया

तो लीजिये प्रस्तुत है जासूसी दुनिया (हिंदी) का ८७ अंक - काला नाग 

300 DPI HIGH RESOLUTION - HIGH QUALITY EDITING

स्केन  और एडिटिंग के बारे में भी विचार से अवगत करायें, इस से ज्यादा म्हणत मैंने आज तक किसी एडिट पर नहीं की, एक एक पेज को सीधा करते करते हालत खराब हो गयी है :-)

उपन्यास डाउनलोड करने यहाँ क्लिक करें  ( 47 MBs)

11 comments:

sallu said...

Wow

Waiting............

3d said...

Thanks. Waiting to read it.

Shahnawaz Shoaib said...

i am eagerly waiting for this
" Nayab Tohfa" i am a huge fan of Late Ibne safi. Pls upload as soon as possible waitinnnnnnnnnnng

Vidyadhar said...

Thanks in advance :)

Shivkumar Vaishnaw said...

Thanks, Anupam Bhai for one more Rare Upload

Naushad said...

Love to read... Pls upload asap

akfunworld said...

अनुपम भाई धन्यवाद इस नायाब लेखक की एक और नायाब पेशकश यहाँ पे अपलोड करने के लिए। आपका धन्यवाद करने के लिए शब्द नहीं हैं बस यही कहूँगा की मैं तहे-दिल से आपका शुक्र गुज़ार हूँ की आप इब्ने सफ़ी जी की इन अनजानी (मेरे लिए) और भूली बिसरी कहानियों से एक बार फिर से हमें रूबरू करा रहे हैं।
इसके साथ ही अब इंटरनेट पे जासूसी दुनिया के 5 अंक उपलब्ध हो गए। आशा करता हूँ आप आगे भी और अंक प्रस्तुत करेंगे। बल्कि मैं तो आपसे आग्रह करूंगा की महीने मे कम से कम एक जासूसी दुनिया तो पोस्ट कर ही दिया करें, मैं आप का हार्दिक शुक्रगुजार रहूँगा...
किताब अभी डाऊनलोड हो ही रही है इसलिए एडिटिंग पे विचार बाद मे बताऊंगा पर मुझे विश्वास है की चूंकि एडिटिंग आपने की है तो वो बढ़िया ही होगी।

Manohar Marandi said...

which are the 5 sites,bhai?

sallu said...

Bahut bahut Shukriya Anupam Ji

Gaurav Gandher said...

Thanks a lot Anupam Bro for adding one more Jasoosi Duniya to my collection

Dev Singh said...

aap jis prakar se niswarth bhav se pathko ke liye books uplubdh karwa rahe hai uski jitni tareef ki jaye kam hai..sochte to bahut log honge lekin aapki tarah karte bahut kam hi hai..aapka kaam ati sarahneey hai.