Sunday, March 13, 2011

जासूसी दुनिया (हिंदी) प्रथम अंक - खून की बौछार (विनोद -हामिद)

JASOOSI DUNIYA (HINDI) FIRST ISSUE - KHOON KI BAUCHHAR (IBNE SAFI)

गर्मी के दिनों में सुबह-सुबह की ठंडी ताज़ी हवा एक सुखद अहसास कराती है और अगर यह सुबह रविवार की हो तब तो दिल का आलम ही कुछ अलग सा हो जाता है. वैसे आज रविवार की यह सुबह मेरे लिए कुछ ज्यादा ही खास है - कैसे? 

भाई पहला तो यह की आज इस नाचीज का जन्मदिवस जो है. और दूसरा मेरे एक प्रिय मित्र की सगाई भी. तो दोगुनी ख़ुशी के इस दिन आप लोगों के लिए कुछ ट्रीट न हो तो बहुत गलत होगा. है न? दोस्तों, मीठी पहुचना तो संभव नहीं है हाँ किताबों की मिठास जरूर पंहुचा सकता हूँ. 

तो आज के लिए, मेरी और से मेरे जन्मदिवस पर एक छोटा सा ट्रीट आप सब के लिए - 

प्रस्तुत है, एशिया के महानतम जासूसी उपन्यासकार इब्ने सफी द्वारा लिखित यह अंक, जो जासूसी दुनिया (हिंदी) का प्रथम अंक भी है. प्रस्तुत अंक पुनः प्रकाशित अंक है, परन्तु ओरिजनल अंक आज से लगभग ५८ साल पहले यानी दिसम्बर १९५२ में प्रकाशित हुआ था. तो मजा लीजिये इब्ने सफी की जादुई कलम से लिखी गयी इस हास्य और रोमांच के संगम की दास्ताँ (विनोद - हामिद के शानदार किरदारों से सजी - खून की बौछार)

अपनी पसंद का फार्मेट चुनें - 

Another exciting issue of Jasoosi Duniya (Hindi Edition) # 88- Faansi Ka Fanda (Ibne Safi) is also available to download and read from this blog.

जासूसी दुनिया के हिंदी संस्करण का एक और रोमांचक अंक #८८ - फाँसी का फंदा इस ब्लॉग पर डाउनलोड करके पढ़ने हेतु उपलब्ध है. 

You can get the novel from the following link -
(आप इस उपन्यास को इस लिंक से पा सकते हैं - )
http://anupam-agrawal.blogspot.in/2015/01/blog-post_11.html

28 comments:

Raviratlami said...

क्या बात है!
पुराने सुनहरे दिनों की याद दिला दी आपने.

Comic World said...

अनुपम भाई सबसे पहले तो अपने जन्मदिवस के अवसर पर मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार करें,जानकर ख़ुशी हुई की आपका जन्मदिन भी मार्च में पड़ता है क्योंकि खाकसार का जन्मदिन भी मार्च में ही है(२० मार्च).आज की दूसरी बधाई स्वीकार करें इब्ने सफ़ी के इस उपन्यास को प्रस्तुत करने और हमेशा के लिए सुरक्षित करने के लिए क्योंकि यही वह कृतियाँ हैं जिनके सुरक्षित रखने की सही मायनों में ज़रूरत है.
मैं इस नॉवल को पढ़ना ज़रूर चाहूँगा लेकिन सिर्फ सफहों(पन्नो) पर क्योंकि कम्प्यूटर स्क्रीन पर नॉवल पढ़ने जितनी हिम्मत कम से कम मेरी तो जुटती हुई नहीं दिखती.बहरहाल एक फिर इस नेक काम के लिए दिली मुबारकबाद क़ुबूल कीजिये.

kuldeepjain said...

सारे टॉप के कमीने मार्च में ही पैदा हुए है क्या ? अपुन भी मार्च में ही इस धरती पर अवतरित हुए थे.अनुपम भाई जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई और इस उपन्यास को प्रस्तुत करने के लिए आभार..

Comic World said...

हा हा हा हा हा...फिर तो मार्च को कमीनों का दिवस मनाने का ऐलान कर देना चाहिए.क्यों अनुपम भाई!

AJAY said...

Dear Anupam ! wish yoy very happy Birthday . It was just by chance only That I had called you today itself when you told me about your birthday .
Hope you must would have enjoyed today as when we were talking , you were enjoying only

Nishant said...

dhanyawaad anupam bhai...anupam upload...ibne safi naam to bahut suna tha, aapke dwara padne ka mauka bhi milega!!

Indian Comics said...

जन्म दिन मुबारक हो अनुपम भाई...
चुपचाप Delhi आते हो और बिना मिले ही निकल जाते हो....
कभी आना तू मेरी गली ....;)
indiacomic.blogspot.com

Indian Comics said...

जन्म दिन मुबारक हो अनुपम भाई...
चुपचाप Delhi आते हो और बिना मिले ही निकल जाते हो....
कभी आना तू मेरी गली ....;)
indiacomic.blogspot.com

The Devil said...

Thanks mate, and HAPPY HOLI

alok said...

hi anupam ibne safi ka novel upload karne ke liye thank you very much
aise hi aur novels upload karte raho
you r doing a great job

neelkanth said...

fist time net par kisi ne ibne safi ka novel download kiya hai great job keep uploading

r s tiwari said...

bahut badiya novel hai thnkyou very much anupam purane dino ki yaad dilane ke liye urdu me to ibne safi ke dher sare novels internet par hai par hindi ka ye eklota prayas hai thankyou

onkarsingh said...

very nice pls.keep it up. i have read complete navel n told a fan of safi saheb
onkarsingh

Anupam said...

EVERYONE - Don't know how but very strangely I have not replied a single comment here in this post.

Where have I been!!! Sorry Guys for such behaviour. Will keep in mind from next time not to make a mistake like this in future.

Abhi said...

Great Sire :-)

Priyanka Maheshwari said...

Hello, Where can I find books of Ibn-e-Safi? My father wanted to read them, but I can't find them.

Anonymous said...

I am very pleased with ur effort anupam Bhai.
I am from hong kong and would like to know more about u.
When are you going to upload next book.

Naushad said...

Hi anupam, when r u going to upload next book...

Ravishankar Shrivastava said...

इसकी CBR फ़ाइल को मैंने OCR किया है और इसका यूनिकोड हिंदी उपलब्ध है. पेंच यह है कि इसमें अशुद्धियां बहुत हैं (कोई 10-15 प्रतिशत). तो कोई भाई बहना यदि श्रमदान करें और प्रूफ़ रीडिंग कर दे तो यह अमूल्य खजाना यूनिकोडित रूप में हिंदी में नेट पर आ जाएगा.

प्रूफ रीडिंग के लिए इसे गूगल डॉक पर रखा जा सकता है या फिर आपको अलग से ईमेल किया जा सकता है.
संपर्क - raviratlami@gmail.com

Vikram Dewan said...

Thanks for the upload. You are doing a commendable job. Please upload more such books.

Anonymous said...

Thnx for this book

Adnan Alam said...

Inspector faridi ka nam vinod kabse ho gya.....had h yar ibne safi ke sath khilwad h ye

Adnan Alam said...

Inspector faridi ka nam vinod kabse ho gya.....had h yar ibne safi ke sath khilwad h ye

Balwinder Singh 3956 on FB said...

dear friend ,I like and appriciate your effort ,From Allahabad the Nakhat Publications published Jasoosi Duniya in Hindi its translator was PREM PRAKASH For Hindi writers Fareedi was named Inspector Vinod and then Colonel Vinod and sergent Hameed and Sergent Hameed remained the same Kasim was kasim and in Imran series changed name was Moorkh Rajesh ,his Roll of secret service chief turned into Pavan from X2
I have some 170 Hindi originals at that time Jasoosi Duniya monthly comes in 75 paisa Visheshank yearly were in Rs
1.50

Shahnawaz Shoaib said...

balwinder sb if you provide hindi jasoosi duniya to me then i shall be highly grateful to you. you can contact me on sshoaib2@rediffmail.com or 09873904301

Unknown said...

KHOON KI BAUCHHAR (Hindi Jasoosi D)
================= ================

On the intro pages, the publisher's
son, states that it is the FIRST
novel of Jasoosi Duniya seties

I have all the 8 books of 'JASOOSI
DUNIYA' series which were published by Harper - Hindi from the original Urdu series

Book No 6: KUAEN KA RAAZ has the
same story-line as in this book, though the characters are different (eg: on page 14 of this book: [URDU title was: purasrrar kuan]


TARIQ (owner of 'nevla): Maine ise Brazil ke junglon mein pakda tha. ......

GAZALA: To lijiye, mera roomal ise sunghaiye


My Q: KAUN SACHCHA ...
KAUN JHOOTHA ?


Sudhir
Feb 21, 2015

p.s.: If someone has HINDI versions of Jassosi Duniya novels
(excluding torn-out and missing
pages item) and wish to sell them, then please send a e-mail
to:

maildrop999 at yahoo com

bn rao said...

Do you still have these books in your possession?

Mitra Namdeo "मित्र " said...

हम कोशिश कर सकते है mitra.namdeo@gmail.com