Wednesday, November 3, 2010

Chitrabharti Kathamala 57 - Mahabali Balram

चित्रभारती कथामाला 57 - महाबली बलराम

चित्रभारती के अनमोल खजाने में से आपके सम्मुख प्रस्तुत है एक बेहद रोचक, मनोरंजक और हास्य से भरी कहानी - महाबली बलराम

इस कॉमिक्स को धनतेरस के शुभ अवसर पर दीपावली के पावन पर्व की शुरुआत के साथ पोस्ट करते हुए गर्व मिश्रित प्रसन्नता हो रही है.
 
कॉमिक्स का लिंक तो नीचे है ही पर उससे पहले  इस शानदार चित्रकथा के अनोखे, रोचक और अविश्वश्नीय किरदारों से आपका परिचय अवश्य करवाना चाहूँगा ताकि इस कॉमिक्स के बारे में आप खुद ही अपनी राय बना सकें 
बलराम
सबसे पहले तो एक चीज़ साफ़ करना चाहूँगा, और वो यह की इस चित्रकथा का नाम और आवरण पृष्ठ देखकर ऐसा लगता है की इसका कृष्ण-बलराम की कहानी से सम्बन्ध है परन्तु ऐसा बिलकुल भी नहीं है.

यह कहानी है गाँव में रहने वाले एक असीम शक्तिशाली, सुन्दर, साहसी, बुद्धिमान, आत्मविश्वाशी और परोपकारी युवक - बलराम की जिसके गुणों और ताकत ने उसे महान बना दिया.

प्रस्तुत हैं हमारे नायक की एक झलक -
हमारा नायक बलराम जो दिल से जितना दयालु हैं ताकत में उतना ही महान.

जरा देखिये उनकी एक बानगी - जिस शेर को देख अच्छे से अच्छों के पसीने छुट पड़ते हैं, उनका पसीना कैसे निकल रहे हैं यह?

एक और दृश्य - पत्थरों की बनी दीवार, जिसे तोड़ने पर इनाम में मिलने वाली थी राजकुमारी और पूरा राज्य.. महाबली ने एक मुक्के में ही तोड़ दिया. हैं न गज़ब की ताकत. पर उन्होंने न राज्य लिया न राजकुमारी से शादी की.

क्यों, अरे भैया दिल का रोग - किसी और पे मर मिटे हैं

"कौन है वो, बोलो बोलो कौन हैं वो, इनकी जान है वो"

पर उनसे आपका परिचय कल होगा कॉमिक्स के साथ और इस प्रेम कहानी का आदि-अंत भी कल ही पता कीजियेगा.

कमखोर

अब मुलाकात करते हैं इनके अजीबोगरीब शिष्यों से -


यह हैं इस देश के सबसे कम खाने वाले व्यक्ति - कमखोर.

कम खाने वाले, कितना कम

ज्यादा नहीं - बस एक बार में पूरा जंगल खा जाते हैं, वो भी पेड़-पौधों पत्तों सहित.




और राजमहल का पूरा भंडार गृह का अनाज वो भी बर्तनों बोरो सहित .




जैसा नाम वैसा काम, किस बेवकूफ ने यह कहावत बनायीं थी,


"उसको ढुंढो, पकड़ो पीटो गलती उसने की" (एक्शन रिप्ले की पेरोडी )
(I just love songs of Action Replayy)

 कमसोख

देश के सबसे कम खाने वाले व्यक्ति - कमखोर से तो आपकी मुलाक़ात हो गयी अब मिलते हैं सबसे कम पानी पीने वाले (अरे सोखने वाले कहिये, इतना भी कोई पीता है) - कमसोख साहब से
अब भला यह कितना कम पीते है -
ज्यादा नहीं बस एक सांस में पूरा का पूरा तालाब सोख मतलब पी लेते हैं . देखिये चित्र में

 कमनजर.

अब तीसरे महान व्यक्ति हैं - कमनजर.
बाकी दोनों कमी वाले लोगों से मिलकर बताने की जरूरत तो नहीं हैं न की इनकी नजर कितनी कमजोर है. नहीं पर मैं बताऊंगा क्योंकि नजर के अलावा इनकी एक और खूबी है - यह बेजोड़ तीरंदाज हैं.
चलिए नजर की खूबी पता करते हैं - यह दस हजार मिल तक देख सकते हैं.
और तीरंदाजी का
आप नीचे देख लीजिये मैं तो हँस-हँस के पागल हो चूका हूँ, लिखा तो गिर पडूंगा



और आखिर में है - 
नाजुक बदन
बेहद कमजोर शारीर के मालिक जो पथरीले जमीन पर अकेले कुआं खोद सकते हैं. और गरम खुलते पानी की कडाही में घंटो नहा लेते हैं . (भाई मुझे भी इनके जैसा कमजोर बना दो)
एक नजर मार भी लीजिये



और हाँ, पानी से निकल के इन्होने कहा - "देर तक नहाने से मुझे सर्दी लग गयी है."
मान गए ना आप सब, सब एक से बढ़कर एक हैं. 

कुछ और भी किरदार हैं इस चित्रकथा में - जैसे बलराम का प्यार - कनकलता, बलराम का गुलाम दैत्य - विकराल, कनकलता के पिता... पर उनसे मुलाकात सीधे चित्रकथा के पन्नों पर करेंगे.


तो लीजिये प्रस्तुत है - हंसी और अद्भुत किरदारों से सजी यह बेहतरीन चित्रकथा - 
http://tiny.cc/fuw71
http://www.mediafire.com/?gdu15fe7l72qvuw
(केवल ९.५ MB )

जल्दी डाउनलोड कीजिये और त्यौहार को और रंगीन बना लीजिये ...
 

3 comments:

nishadjp9 said...

Thanks Anupam for posting this beautiful comic.
The way you illustrated major characters is splendid.
Wonderful Presentation.
Though i have not read this comic.
But i am sure i will enjoy it undoubtedly.
Tomorrow i will read this with three packets of spicy hot Act II Popcorn.
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Best of the best wishes of Diwali.
May this Diwali fulfill all your wishes and encourage you to post more and more beautiful comics.
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Anupam Rocks

Übermann said...

thanks Anupam bhai for this great comics....

The Devil said...

Thanks a lot for sharing