Friday, November 5, 2010

Chitrabharti [H] 20 - Jahreeley Baune (Space Star Series)

दीपावली हमारा सबसे प्रिय त्यौहार है, और इसलिए इस मौके के लिए मैंने अपनी सबसे प्रिय कॉमिक्स बचा कर रखी है. इस कॉमिक्स का जिक्र मैं पहले ही कर चूका हूँ की ये वो इकलौती कॉमिक्स है जिसे पाने के लिए मैं कम से कम २० सालों से तड़पा हूँ, २० सालों से इस कॉमिक्स का कवर मेरे सपनों में कई-कई बार आया और हर बार नींद खुलते ही दिल टूट गया. अनेको बार तो जागते हुए कुछ काम करते हुए भी दिमाग के एक हिस्से को यह कॉमिक्स उलझाए रखती थी.

पर आखिरकार कई सालों के बाद अजय मिश्रा जी और मनोज पाण्डे भाई की बदौलत यह कॉमिक्स मिल ही गयी, और मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा.

आज लक्ष्मी पूजा के शुभ दिवस की शुरुआत में अनुपम सिन्हा जी की यह बेहतरीन रचना आपके सम्मुख उपलब्ध है, ना सिर्फ अनुपम सिन्हा जी के चाहने वालों के लिए यह शानदार नगीना है, वरण भारतीय कॉमिक्स प्रेमियों के लिए एक अद्भुत संग्रहनीय अंक. समयाभाव की वजह से मैं इस कॉमिक्स के सम्बन्ध में ज्यादा वर्णन नहीं कर रहा हूँ, अन्यथा कई पेज तो मैं बिना थके लिख सकता हूँ, फिर कभी कोशिश करूँगा इस बारे में अपने भावनाओं को उजागर करना का.
 स्पेस स्टार के दल और कैप्टन गौरव की पृथ्वी के भगोड़े अंतरिक्ष अपराधी - वोल्टर  और 'किप' ग्रह के खतरनाक बौनों से टक्कर, जिनका मकसद था 'किप' ग्रह में बढती बौनों की आबादी के बसने के लिए पृथ्वी के १५० अंतरिक्ष केन्द्रों पर कब्ज़ा. उनकी कोशिश कहाँ तक सफल हुयी और एक शानदार अंतरिक्ष गाथा का क्या परिणाम हुआ. 

अवश्य पढ़े, अनुपम सिन्हा जी के गौरवशाली दिनों की अविस्मर्णीय रचना - स्पेस स्टार और जहरीले बौने (चित्र भारती के शानदार प्रकाशन में - अंक क्रमांक २०)   


डाउनलोड के लिए MEDIAFIRE लिंक 

5 comments:

Comic World said...

अनुपम भाई इस शानदार कॉमिक के लिए शुक्रिया.इस कथन के बारे में कोई दोराय नहीं है की यह अनुपम सिन्हा जी के स्वर्णिम दौर की रचना है क्योंकि इस कहानी में उन्होंने वैज्ञानिक जानकारी और ब्रहमांड के आश्चर्यचकित करने वाले तथ्यों का रोचक तरीके से इस्तेमाल किया है जो पढ़ने के बाद मिथ्या या सर्वथा कपोल-कल्पित नहीं लगते,उनके चित्र भी परिपक्वता पाने की ओर अग्रसर थे उस समय.
इस कॉमिक को पढ़ने के बाद मन यह सोचने पर बाध्य हो जाता है की क्या यह वही अनुपम सिन्हा हैं जो आज की बेहद साधारण नागराज की कहानी लिख एवं बना रहे हैं!!

phalguni said...

thanks from deep corners of my heart!!!!be a light upon yourself....happy diwali

Anupam said...

ज़हीर भाई,
अनुपम सिन्हा जी निर्विवादित रूप से भारतीय कॉमिक्स के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्व हैं, प्राण साहब के अतिरिक्त केवल वे ही ऐसे आर्टिस्ट हैं जिनसे अधिकांश कॉमिक्स प्रेमी परिचित हैं (यहां मैं सामान्य कॉमिक्स पढने वालों की बात कर रहा हूँ जो डिटेल्स पे ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं).
और यह हक़ उनको किसी और ने नहीं उनके शानदार कार्यों ने दिया है, पर उन्हीं कार्यों को नजर अंदाज कर वो केवल गलती कर रहे हैं, आज मैंने काफी दिनों से मेरे पास रखी राज कॉमिक्स के विशेषांक 'सम्राट' (नागराज और ध्रुव) को पढ़ा. विलेन को गरुड़ देवता से आशीर्वाद प्राप्त है और उसका नाश शिवजी के डमरू बजा कर करने का प्रयत्न सौडंगी करती है. क्या बेवकूफी है - हम माइथालोजी पढ़ रहे हैं या आधुनिक कहानियाँ. (अभी उसका दूसरा पार्ट भी बचा है, पर सच कहूँ कई दिनों तक तो हिम्मत नहीं होने वाली )
ऐसा नहीं है की प्लाट ख़राब था, कहानी का प्लाट अद्भुत है, पर जरूरत से ज्यादा अतिमानवीय हरकतें उसे नीरस बना रही थी.

अनुपम सिन्हा जी भी जानते हैं की वो गलत हैं, पर पता नहीं क्यों गलती वे सुधार नहीं रहे हैं. हमें उनके पुराने चरित्र और कहानियों के कारण उनसे प्रेम हैं - इन साई-फाई कॉमिक्सों के कारण नहीं.

उम्मीद करें की शायद वे सुनहरे दिन फिर लौटेंगे
'

Anupam said...

Phalguni - Thanks friend,

More of the great comics are about to come...stay tuned

The Devil said...

Nice share, thanks