Sunday, October 24, 2010

Chitrabharti 07 - Munshi Totaram Ki Swarg Yatra

मित्रों,
मेरा प्रयास हमेशा से ही भारतीय कॉमिक्स के खजाने में से चुनिन्दा परन्तु दुर्लभ चित्रकथाओं को आपके सम्मुख प्रस्तुत करने का रहा है, और आज की चित्रकथा भी उसी प्रयास का एक अगला कदम है,

परन्तु यह चित्रकथा उन चुनिन्दा चित्रकथाओं में से एक है जिसे भारतीय कॉमिक्स के अमूल्य भण्डार के बहुमूल्य रत्न की उपाधि दी जा सकती है. इस चित्रकथा को पढने के पश्चात् आप अवश्य कहेंगे की वाह कहानी हो तो ऐसी. 

एक कहानी जो खालिस देसी मनोरंजन प्रदान करती है, भारतीय पात्रों और स्थितियों के साथ, जिसका एक-एक पेज हंसी के ठहाकों से भरा हुआ है.

चित्रभारती कथामाला के बेशकीमती कॉमिक्सों की श्रृंखला से एक नायाब तोहफा - मुंशी तोताराम की स्वर्ग यात्रा (क्रमांक ०७) 

पढने से पूर्व एक छोटी सी भूमिका इस चित्रकथा के बारे में -

मुंशी तोताराम एक वकील के यहाँ मुंशी थे. वकील साहब के पास एक हाथी था जो खाली खड़ा रहता था, क्योंकि वकील साहब अपने मुकद्दमों में इतने व्यस्त रहते थे के वे उस पर सवारी नहीं कर पाते थे. धूर्त मुंशी उस पर सैर करने की आज्ञा लेकर हाथी को किराए पर चलाने लगा और उस पर भारी बोझा लादने लगा. हाथी को गुस्सा आया और उसने मुंशी को रास्ते में पटक दिया. मुंशी ने बदले की भावना से हाथी को वकील के हाथों मरवा दिया.

मृत्यु के पश्चात् जब हाथी यमराज के दरबार पंहुचा में पंहुचा तो उसे नरक में भेजने का हुक्म दिया गया. हाथी ने स्वयं को निर्दोष बताया और मुंशी तोताराम के द्वारा उसे प्रताड़ित करने की शिकायत की. यमराज के यकीं नहीं करने पर उसने यमराज से स्वयं ही मुंशी तोताराम को परखने की सलाह दी और कहा की एक बार आप अगर तोताराम से मिल गए तो समझ जायेंगे की वो कितना मक्कार है.

और जब तोताराम को यमराज का बुलावा आया तो ठहाकों की ऐसी यात्रा आरम्भ हुयी की हर पृष्ठ और हर दृश्य पर हसे बिना रहना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी होगा ...यकीं नहीं होता तो पढ़ कर देख लीजिये ...
 

9 comments:

nishadjp9 said...

Thanks 4 Uploading Anupam...........Very Nice 1

The cost of enterprise mobility solutions said...

This is really supercool.

Aby said...

Thanx a lot Anupam bro for this wonderful Chitrabharti issue. and nice to know that it is from the initial 1st or 2nd set. Plz keep up the good work. Waiting for the rest issues.

Anupam said...

@nishadjp9 - Thanks Dear for being the first to comment. The comments are the tonic which keeps us in good health.

@The cost... - Glad you liked the issue. It is one of my most favorite classic comics.

@Aby - You are always more than welcome pal. This is really a great issue and vintage too. On a good news, very soon many of the chitrabharti kathamala are coming. i am going out for 5 days then i will post 2 new issues when i will return.

Anonymous said...

Thanks for this wonderful and rare comic.
-Satish

The Devil said...

Thanks a lot for mate for an rare and very old gem. Keep it up.

akfunworld said...

Anupam ji,
Kya baat hai, is baar apki sharing late ho gayi. Maine socha tha ki October me hi muje chitrabharti katha mala ki teen aur behtareen comics padhne ko mil jayengi par aisa nahi ho paaya. Chaliye koi baat nahi, is month thodi jyaada comics upload kar deejiyega.
Haan ek baat aur main apne blog www.akfunworld.blogspot.com pe kuch classic movies bhi upload karta hun agar aap apne blog ke paathakon se mera blog share kar den to jyaada se jyaada log ye movies paa sakte hain, kyonki aap ka blog mere se kahin jaada famous hai.
Thanks in adavnce.

Sanjeet Tripathi said...

majaa aa gaya ise padhkar, baut baht shukriya, aisa lagaa jaise mai fir se 3rd ya 4th class me hu aur ye comics padh raha hu. shukriya bhai bhai sahab..

Anonymous said...

mere pas aaj bhi ye comics rkhi hui hai ise mere hai ne mjuhe tab gift kiya tha jb mai 5th mai tha