Saturday, October 16, 2010

चित्र भारती कथामाला - इस बार की तिकड़ी

Trilogy for this fortnight - Chitra Bharti Kathamala 
शनिवार की शानदार सुबह - कल की हलकी-हलकी बारिश ने मानों गर्मी को एक पल में पूरी तरह से दूर कर दिया हो, अभी सुबह के ९:०० बज चुके हैं पर सूर्य देवता का दर्शन ना कल हुआ, ना आज होने की उम्मीद है. घर पर बिना नहाये आराम से अपने कंप्यूटर के सामने बैठा सुबह से ही इंटरनेट पर व्यस्त हूँ. और मोहम्मद रफ़ी साहब और लताजी के पुराने सुमधुर गीतों का आनंद उठा रहा हूँ. इन दोनों महानतम गायकों के शानदार मीठे गीतों के जैसे इस खुशनुमा मौसम में और खुशियाँ भर दी हों.

"वो जब याद आये (रफ़ी और लता) ", "छुपाकर मेरी आँखों को (रफ़ी और लता)", "तेरी जुल्फों से जुदाई तो नहीं मांगी थी (रफ़ी)", "पर्वतों के पेड़ों पर (रफ़ी और सुमन)", "राही मनवा दुःख की चिंता (रफ़ी), "पंछी बनू उड़ाती फिरू (लता)", यह सब तो इतने मीठे हैं की लगता है शुगर का स्टार ही बढ़ जाएगा.

खैर चलिए कॉमिक्स की बात भी करते हैं...कल 'महाबली त्रिकथा' का समापन हुआ तो इसका अर्थ है आज एक नयी तिकड़ी के  आगाज़ की घोषणा होनी है...

दोस्तों, चुनने के लिए मैंने कुछ विकल्प रखे हुए थे - जैसे -
  • डायमंड कॉमिक्स के प्रारंभिक कॉमिक्स (#३० से भी नीचे)
  • पवन कॉमिक्स से राम-बलराम की जोड़ी
  • अंकुर कॉमिक्स मैगजीन - #२, #४, #७, #९
पर अंततः मैंने चुना उस कॉमिक्स प्रकाशन को जो मुझे सबसे ज्यादा प्रिय है, मेरे कॉमिक्स प्रेम को जानने वालों के लिए ये बेहद आसान सा प्रश्न है - जी हाँ, चित्र भारती कथामाला. जहीर भाई, मनोज पाण्डेय भाई, सागर राणा भाई (कहाँ हो यार), अजय मिश्रा सर सभी जानते हैं की में चित्रभारती के लिए कितना दीवाना हूँ. इसलिए मैंने सोचा की यार साल का सबसे चहेता  त्यौहार तो फिर कॉमिक्स भी मेरी सबसे चहेती हो होनी चाहिए. सहीं कहा ना.

तो चलिए, चित्रभारती के चित्रकथाओं का खजाने में से कुछ ख़ास चुना जाए. (मेरा चित्र भारती का संग्रह बेहद छोटा है - केवल १७ कॉमिक्स, आज तक की तिथि में और उसमे भी ज्यादातर अंग्रेजी में ), तो मैंने चुना है उनमे से ३ हिंदी चित्रकथाएं जो अभी तक अपलोड नहीं हुए हैं (मेरे हिसाब से, हो भी गयी हो, तो भी में उन्हें फिर से स्केन करूँगा)

पर पहले कुछ बातें चित्रभारती के बारे में कर ली जायें -
क्या हमेशा ही  ऐसा होता है, की चीजों को उनके हिस्से की लोकप्रियता मिले, नहीं ना, कितने शानदार कलाकारों को हम देखते हैं पर वो गुमनामी में ही खो जाते है, और कुछ अपने हिस्से और काबिलियत से ज्यादा पा जाते हैं. कुछ ऐसा ही चित्रभारती के साथ भी हुआ. इस प्रकाशन को वैसे लोकप्रियता कभी नहीं मिली जितने की यह हकदार थी. नहीं तो चित्रभारती में वो सभी चीजें थी जो एक सफल कॉमिक्स में होनी चाहिए या शायद उससे भी ज्यादा. जिस चीज़ की में बात कर रहा हूँ वो है विविधता. महापुरुषों से लेकर, ऐतिहासिक चरित्रों और पौराणिक कहानियों से लेकर स्पेस स्टार की विज्ञान गाथाओं से भरपूर, कपिल के जासूसी कारनामों से लेकर मानस पुत्र की जादुई दुनिया तक और सुखवंत जी के जूनियर जेम्स बोंड, चंद्रू, भाभीजी जैसे शानदार चरित्रों से लेकर अपराध, नैतिक कथाओं तक. चित्रभारती में हर चीजों का एक अद्भुत समन्वय था.

चित्र भारती के कॉमिक्सों के आवरण देखकर आपको खुद पता चल जाएगा की उन्होंने हर जेनर को बखूबी प्रस्तुत किया था फिर अनुपम सिन्हा और सुखवंत जैसे शानदार एंड महान कॉमिक्स कलाकारों का साथ. सिर्फ एक चीज की कमी रहा गयी - किस्मत की.

चलिए, खैर चित्रभारती पे तो ICE PROJECT ब्लॉग में एक पूरा आर्टिकल इस माह लिखने वाला हूँ, तब इस प्रकाशन से सम्बंधित जानकारियाँ, प्रकाशित चित्रकथाएं और ढेर सारे कवर मिल जायेंगे. अभी तो इस महीने की तिकड़ी बता दूं.

तो इस महीने के लिए चयनित चित्रभारती कथाएँ हैं -



इन चित्रकथाओं के लिए अपलोड का क्रम होगा - 
#०७ - मुंशी तोताराम की स्वर्ग यात्रा
#५७ - महाबली बलराम
#२० - जहरीले बौने (स्पेस स्टार) (हिंदी और ENGLISH दोनों में)
तो इन्तेजार कीजिये, इस महीने चित्रभारती कथामाला की शानदार कृतियों का...

4 comments:

Raviratlami said...

आपके कमेंट लिंक को क्लिक करने पर विज्ञापन क्यों दिखता है?
दूसरा, आप तेजी से स्कैन करने के लिए कौन सा सॉफ़्टवेयर प्रयोग करते हैं?

Anupam said...

कमेन्ट लिंक को क्लीक करने पर विज्ञापन का दिखना मेरे लिए नयी खबर है, क्योंकि में खुद भी अपने ब्लॉग पर कमेन्ट का जवाब देता हूँ नए कमेन्ट लिखकर, पर मुझे तो कोई विज्ञापन नहीं मिला.

मैं स्केनर(Canon Lide 25)के साथ प्रदान किये गए सोफ्टवेयर का ही प्रयोग कर रहा हूँ. किसी अन्य का नहीं. वैसे अगर अन्य कोई सोफ्टवेयर का प्रयोग करना हो तो Vuescan एक अच्छा विकल्प है.

Comic World said...

अनुपम भाई,ब्लॉग का नया कलेवर अत्यंत नयनभिराम है किसी चॉकलेट की तरह,बस हिंदी फ़ॉन्ट साइज़ थोडा बड़ा कीजिये थोडा छोटा है जिससे की पढने में तकलीफ होती है.और इन कॉमिक्सों के बारे में अपनी तफ्सीली नुक्ताचीनी कम्युनिटी पर पेश करूँगा.

Anand said...

Anupam ji thoda apni comics uploading ki speed badhayiye na. Mujhe aapke har upload ka besabri se intezaar rahta hai, aur aapki tarah mai bhi chtrabharti kathamaala ka bahut bada fan hun aur aasha karta hun ki ye comics bhi jabardast hongi.