Sunday, August 15, 2010

CHITRA BHARTI #37 : NAQLI GOLI - ASLI MAUT (PRIVATE DETECTIVE KAPIL)


दोस्तों, सबसे पहले तो स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनायें, और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, जिन्होंने अपना सब कुछ इसलिए लुटा दिया ताकि आने वाली पीढ़ी आजादी की स्वच्छ हवा में सांस ले सके...

प्रिय मित्रों, पिछले काफी दिनों मैं मनोज कॉमिक्स मैडनेस ऑरकुट कम्युनिटी में व्यस्त था, जिसके कारण यहाँ मैं कुछ भी अपलोड नहीं कर पाया. अनेक समस्याओं, विचार विमर्श और शिकवे शिकायतों के बाद कुछ प्रमुख बदलाव और 3 मनोज चित्रकथाओं को वहाँ अपलोड करने के पश्चात (यह चित्रकथाएं केवल MCM में  ही डाउनलोड हेतु उपलब्ध है, यहाँ मैं उन्हें पोस्ट नहीं करूँगा. अगर आप MCM के सदस्य नहीं हैं तो यहाँ क्लिक कीजिये).  अब कुछ समय मैं यहाँ भी ध्यान केन्द्रित करना चाहूँगा.

तो प्रस्तुत है, भारत के सबसे चहेते कॉमिक आर्टिस्ट अनुपम सिन्हा जी की एक शानदार चित्रकथा (नहीं, नहीं, राज कॉमिक्स की नहीं). चित्र भारती कथामाला में उनके द्वारा लिखे बेहतरीन और अनमोल कॉमिक्स में से एक अनमोल तोहफा. (सागर राणा भाई को धन्यवाद, जिन्होंने मुझे यह चित्रकथा बतौर उपहार भेजी) - 
प्राइवेट डिटेकटिव कपिल सीरीज से - नकली गोली असली मौत 
इस चित्रकथा में दो कहानियाँ हैं
१. नकली गोली असली मौत
२. ताबूत में लाश 
उम्मीद है आपको पसंद आएगी...
(अनुपम सिन्हा जी को समर्पित ब्लॉग में भी उपलब्ध )

4 comments:

Comic World said...

अनुपम भाई कमाल की कॉमिक पेश की है आपने इस बार,बहुत शुक्रिया.इस कॉमिक को पहली बार मैंने तब पढ़ा था जब ये प्रकाशित हुई थी और तब ही मैं कपिल नाम के इस चरित्र से बहुत प्रभावित हुआ और तब ही अनुपम सिन्हा जी मेरे पसंदीदा कलाकारों की फेहरिस्त में आ गए थे.अनुपम सिन्हा जी ने चित्रभारती के लिए कमाल की कहानियां लिखी और बनायीं.उस दौर की ये कहानियां वास्तविकता के काफी करीब प्रतीत होती है और आसानी से गले उतरती है,परन्तु जब से अनुपम सिन्हा जी राज कॉमिक्स के सुपर हीरो में उलझ कर अकल्पनीय कहानी लिखने लगे तबसे मेरी उम्मीदें भी उनसे कम होने लगी.शुरू की ध्रुव-कथाएँ तो फिर भी गनीमत थी परन्तु मौजूदा कहानिया...उफ़ तौबा,भाई अपने बस की बात नहीं है उन्हें झेलना.

nahlawat said...

you are right bro anupam is my fav artist but when he start writing these maha visheshank in raj for nagraj things gone out of hand i remember how much i enjoyed dhruv`s comics lahu ke pyase adamkhoro ka swarg roman hatyara just love them but now hadd hai

Mr. Walker said...

hmm..naam se to story v lagta hai acche honge..yeh to padna padega..thanks..

The Devil said...

Thanks for sharing, Had read them when I was a kid.