Thursday, June 17, 2010

Anupam Sinha - An Effort To Bring Before You His Rare Works Beyond Raj Comics

अनुपम सिन्हा जी के दुर्लभ कार्यों को आपके सामने प्रस्तुत करने का एक प्रयास 
 
अनुपम सिन्हा जी निर्विवाद रूप से न केवल हमारे देश बल्कि पूरे विश्व के उत्कृष्ट कॉमिक्स आर्टिस्ट में से एक हैं. हम लोगों से बहुत उनके प्रशंसक हैं. लेकिन दुःख इस बात का है की ज्यादातर लोग उन्हें केवल राज कॉमिक्स के नाम से ही जानते हैं.

उससे बड़ा दुःख इस बात का कि स्वयं को उनका बहुत बड़ा प्रशंसक मानने वाले लोगों (ज्यादातर) को भी सिर्फ उनके राज कॉमिक्स में किये कार्यों से ही मतलब रखते हुए मैंने महसूस किया है. शायद न तो उन्हें इसकी जानकारी है और ना ही जानने कि इच्छा. आज तक मैंने किसी को उनके पुराने कार्यों के प्रति कभी भी किसी की जिज्ञासा या तड़प नहीं देखी.यहाँ तक कि बड़ी से बड़ी कम्युनिटी में भी वह केवल राज कॉमिक्स के उनके शानदार कार्यों के लिए ही याद किये जाते हैं. 

कभी-कभी दुःख के साथ एक गुस्सा भी दिल में आता है - क्योंकि में उनके सभी कार्यों का संग्रह करना चाहता हूँ. परन्तु सारा-सारा समय इन्टरनेट में खोजने पर भी राज कॉमिक्स के अलावा कुछ नजर नहीं आता. (इस के लिए जहीर भाई का शुक्रिया कि उन्होंने अनुपम सिन्हा जी के चरित्र प्राइवेट डिटेकटिव कपिल की चित्र-कथाएँ अपलोड की हैं.

खैर, शायद मुझे लगा कि मेरे जैसे शायद उनके और भी प्रशंसक होंगे जो उनके राज कॉमिक्स के बाहर के कार्यों का संग्रह करने के लिए तड़प रहे होंगे, तो मेरी एक छोटी से कोशिश हैं यह ब्लॉग.

(पर जैसा में पहले कहा, में खुद उनके कार्यों का संग्रह करने के लिए बेचैन हूँ, तो इसका अर्थ ही है कि मेरे पास स्वयं कुछ ज्यादा नहीं हैं शेयर करने को, पर शायद मेरे कार्य को देखकर दूसरे कॉमिक्स के चाहने वाले यहाँ उनके कार्य हमारे साथ शेयर करें, आकांछा तो यही है, बाकी तो आप सब अनुपम सिन्हा जी के चाहने वालों पर निर्भर है...)

अपने विचारों से जरूर अवगत कराईयेगा...

आपका अपना
अनुपम अग्रवाल

3 comments:

Indian Comics said...

बहुत ही अच्छा प्रयास है अनुपम जी ,किसी करणवश कुछ दिनों से मैं blogging की दुनिया से गायब हो गया था .

जल्द ही http://indiacomic.blogspot.com/ के साथ वापसी कर रहा हूँ .फिलहाल Delhi मैं हूँ आज कल .
उस्मान अली खान .
http://indiacomic.blogspot.com/

Sanjeet Tripathi said...

great. ye to vakai ek acchhi koshish hai bandhu.
bachpan me kisne comics nahi padhi hogi.
blog jagat ke 2-3 bahut puraane log jaise amit, jaise PD ye log comics par 4 se 2 salo se apne blog par likhte aaye hain......
chaliye aap bhi aise hi pankhe ke roop me aaye hamari tarah matlab ki Fanz ke...

accha lagaa, shubhkamnayein....

Anupam said...

Usman - - Nice to hear from you after so long time. So how is everything in life. Waiting for you to continue the blog...

Sanjeet Tripathi - Thanks Bhai, Prayas ki sarahana karne ke liye. Is baar mera vichaar kuch 'anupam' Karne ka bhi hai - Puri blog Hindi mein his type karne ka. Kewal english Search Engine ke liye rahenge...